Top
Home > छत्तीसगढ़ > बड़ी खबर - 22 सितंबर से प्रदेश के पटवारी 14 दिन के लिए जाएंगे होम आइसोलेशन में, घर से ही करेंगे कार्यो का निपटारा!

बड़ी खबर - 22 सितंबर से प्रदेश के पटवारी 14 दिन के लिए जाएंगे होम आइसोलेशन में, घर से ही करेंगे कार्यो का निपटारा!

बड़ी खबर - 22 सितंबर से प्रदेश के पटवारी 14 दिन के लिए जाएंगे होम आइसोलेशन में, घर से ही करेंगे कार्यो का निपटारा!
X

0 बढ़ते हुए संक्रमण व COVID-19 से दो पटवारी की हुई मौत के बाद लिया गया फैसला ।
0 मृत पटवारियों के परिवार को 50 लाख रुपए बीमा स्वरूप देने की मांग

ताहिर खान
कवर्धा- कोरोना संक्रमण के चलते देश के साथ-साथ राज्य भी सिहर उठा हैं, हर तरफ कोरोना वायरस का कहर जारी है, पहले के मुकाबले में अब जान भी तेजी से ले रहा है ऐसे में हर तबका डरा सहमा हुआ नजर आ रहा है एक ओर जहां मुख्यमंत्री से लेकर कर्मचारी भी वर्क फ्रॉम होम के जरिये अपनी जिम्मेदारी निभाने की कोशिश कर रहे हैं,और लोगों के सीधे संपर्क में आने से बच रहे हैं। वही पटवारी ऐसे हैं जो अपने क्षेत्र के किसानों से सीधे संपर्क में रहते हैं और गांव-गांव आना जाना करते हैं जिससे संक्रमित होने का खतरा बढ़ा रहता है। छत्तीसगढ़ में लगभग 70 से अधिक पटवारी अब तक कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं वही दो पटवारियों की मौत भी हो चुकी है। राज्य पटवारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष ने बताया कि दिए गए संपूर्ण राजस्व कार्य के अलावा कोविड सेंटरों की निगरानी, शव को लाने ले जाने की व्यवस्था व संक्रमित क्षेत्र में जाकर कंटेनमेंट जोन का नक्शा बनाने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को पटवारियों द्वारा अंजाम दिया जा रहा है। बढ़ते हुए संक्रमण को देखते हुए राज्य पटवारी संघ ने यह फैसला लिया है कि वे 22 सितंबर से 5 अक्टूबर तक 14 दिनों के लिए होम आइसोलेशन में रहेंगे और यथा संभव वर्क फ्रॉम होम के माध्यम से ही कार्यो को अंजाम देने की कोशिश करेंगे। विगत एक माह से पटवारियो द्वारा भुइँया सॉफ्टवेयर में फसल प्रविष्टि के साथ ही आपदा प्रबंधन में भी अतिवृष्टि बाढ़ आदि में भी अपना दायित्व निर्वहन किये हैं।

नवीन पंजीयन अथवा संशोधन से संबंधित ही कार्य होगा

वर्तमान में महत्वपूर्ण कार्य धान पंजीयन का है। शासन के निर्देशानुसार गिरदावरी कार्य पूर्ण कर भुइँया वेबसाइट में फसल प्रविष्टि कर दिया है। जिसका प्रकाशन कार्य 21 सितंबर से किया जाकर 28 सितंबर तक दावा आपत्ति लिया जाना है।तथा 7 अक्टूबर तक प्राप्त दावा आपत्ति का निराकरण किया जाना है। बहुत से ग्रामो में प्रकाशन किया जा चुका है।जिन ग्रामो में प्रकाशन नही हो पाया है वह भुइँया के वेबसाइट में नागरिक सुविधा का उपयोग कर फसल प्रविष्टि की स्थिति देख सकते हैं।यदि त्रुटि हो तो तहसील कार्यालय में अपना दावा आपत्ति दर्ज कर सकते है। 7 तक दावा आपत्ति का निराकरण करने उपरांत धान पंजीयन का कार्य किया जाएगा।
कबीरधाम पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष के अनुसार पूर्व से पंजीकृत किसानों को जिनका कुल रकबा यथावत है उन्हें पटवारी तक आने की आवश्यकता नहीं है।वे अपना फसल की स्थिति(धान का रकबा) ऑनलाइन भुइयाँ वेबसाइट में चेक कर सकते हैं। नवीन पंजीयन अथवा संशोधन से संबंधित किसान ही पंजीयन हेतु संपर्क करेंगे।

Updated : 20 Sep 2020 7:57 PM GMT
Tags:    
Next Story
Share it
Top