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Home > छत्तीसगढ़ > आदिवासी झामसिंह हत्या मामला-आठ दिन बाद भी मध्यप्रदेश शासन द्वारा कोई कदम न उठाने पर मंत्री मो अकबर ने जताया ऐतराज़,शिवराज को लिखी 24 घंटे में दूसरी चिठ्ठी।

आदिवासी झामसिंह हत्या मामला-आठ दिन बाद भी मध्यप्रदेश शासन द्वारा कोई कदम न उठाने पर मंत्री मो अकबर ने जताया ऐतराज़,शिवराज को लिखी 24 घंटे में दूसरी चिठ्ठी।

आदिवासी झामसिंह हत्या मामला-आठ दिन बाद भी मध्यप्रदेश शासन द्वारा कोई कदम न उठाने पर मंत्री मो अकबर ने जताया ऐतराज़,शिवराज को लिखी 24 घंटे में दूसरी चिठ्ठी।
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0 मछली मारने गये आदिवासी की हत्या मामले में अकबर ने जांच कर उचित करवाई के लिए लिखा था कल लिखा था पहला पत्र।

ताहिर खान/ रायपुर. कबीरधाम जिले के वनांचल गांव बालसमुंद गांव के आदिवासी झामसिंह के कथित मुठभेड़ मामले में मंत्री मोहम्मद अकबर ने शिवराज सिंह चौहान को कल चिट्ठी लिखकर उचित कदम उठाने के लिए कहा था, लेकिन 24 घंटा बीत जाने के बाद भी मध्य प्रदेश सरकार की ओर से कोई भी जवाब नहीं आया, जिसके बाद मंत्री मोहम्मद अकबर ने मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए अपने क्षेत्र के आदिवासी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए 24 घंटे के भीतर शिवराज सरकार को फिर से चिट्ठी लिखते हुए किसी प्रकार से कार्रवाई नहीं करने पर कड़ा एतराज जताया है। ज्ञात हो कि मोहम्मद अकबर के संज्ञान में जब से मामला आया है तब से वे लगातार स्थानीय प्रशासन से लेकर आदिवासी समाज के प्रमुखों एवं पीड़ित परिवार से बात कर रहे हैं। इस मामले में प्रशासनिक जांच का भी आदेश कलेक्टर को मोहम्मद अकबर ने दिया था,जिसके बाद रविवार को बोड़ला एसडीएम विनय सोनी के नेतृत्व प्रत्यक्षदर्शी नेम सिंह के अलावा समाज के प्रमुखों व वन विभाग के अधिकारियों के साथ टीम पहुंची थी जो मौका मुआयना कर नक्शा बनाया गया है और प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि पुलिस ने छत्तीसगढ़ सीमा में घुसकर गोली मारी है, हालांकि यह भी जांच का विषय है ।

विपक्ष ने साधी चुप्पी

जिले के एक बेकसूर आदिवासी की गोली मारकर हत्या मामले में आरोप जब शिवराज सरकार पर उठे हैं तो मध्य प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह जिन आदिवासियों के दम पर सरकार बनाते और चलाते हैं उसी आदिवासी की मौत का निष्पक्ष जांच करवाएं, ताकि झामसिंह एवं पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।वही छोटी-छोटी चीज में राजनीति करने वाले विपक्ष के छोटे से लेकर बड़े नेताओ ने अब तक चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि आदिवासी और जल जंगल जमीन के हक की लड़ाई लड़ने की बात कहते हुए दिखाई देते हैं लेकिन जब आदिवासियों को जरूरत पड़ी तो विपक्ष नदारद है और ना ही अभी तक कोई बड़ा नेता विपक्ष का आदिवासी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा है।इसके पीछे यह माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश सरकार की पुलिस के द्वारा कथित रूप से हत्या किया गया है, और मध्य प्रदेश में बीजेपी का शासन है ऐसे में अपने ही पार्टी के विरुद्ध जाने में विपक्षी हिचकिचा रहे हैं

शिवराज सरकार द्वारा एक बेकसूर आदिवासी की मौत पर संज्ञान नहीं लेना निराशाजनक

CG संवाद से बात करते हुए छत्तीसगढ़ के वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक और चिट्ठी लिखी है। 24 घंटे के अंदर लिखी गई इस दूसरी चिट्ठी में उन्होंने इस बात पर एतराज किया है कि कवर्धा के एक आदिवासी के मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा हत्या करने को उन्होंने संज्ञान नहीं लिया। अकबर ने एक दिन पहले लिखी गई चिट्ठी का हवाला देते हुए कहा है यह मामला बेहद गंभीर है अभी तक मध्य प्रदेश सरकार द्वारा इसे लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है।

आदिवासी समाज इस घटना को लेकर बेहद आक्रोशित

अकबर ने कहा कि 6 सितंबर को मध्य प्रदेश पुलिस ने छत्तीसगढ़ के एक निर्दोष आदिवासी की हत्या कर दी और दूसरे आदिवासी की हत्या का प्रयास किया जो बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मो अकबर ने कहा कि उनके द्वारा पहले लिखी गई चिट्ठी पर कार्रवाई न होने पर निराशा ज़ाहिर की। उन्होंने शिवराज से अनुरोध किया कि इस संवेदनशील प्रकरण में उच्च स्तरीय जांच तत्काल की जाए और छत्तीसगढ़ सरकार को इसकी जानकारी मुहैया कराई जाए।

Updated : 14 Sep 2020 4:01 PM GMT
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