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बस स्टैंड में मारपीट मामले में नया खुलासा, सीएमएचओ के बिना जानकारी के घायल को किया गया रायपुर रेफर!

बस स्टैंड में मारपीट मामले में नया खुलासा, सीएमएचओ के बिना जानकारी के घायल को किया गया रायपुर रेफर!
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0 एक घायल उसी एंबुलेंस से रात ही में पहुंचा वापस।

0 गाली गलौज मारपीट व जान से मारने हवाई फायरिंग के मामले में दोनों पक्ष की ओर से हुआ मामला दर्ज।

ताहिर खान

कवर्धा- बस स्टैंड के पेट्रोल पंप के पास बीती रात को हुए दो गुटों में मारपीट और गार्ड द्वारा हवाई फायरिंग के बाद पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी। देर रात तक लोग इस मामले को लेकर सोशल मीडिया में तरह तरह से बात करते हुए नजर आए, वही इस मारपीट में घायल दो व्यक्तियों को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां एक घायल को रायपुर एम्स रेफर कर दिया गया सूत्रों के मुताबिक दूसरा घायल भी उसी एम्बुलेंस में बैठ कर चला गया जिसे उल्टे पांव तुरंत एम्बुलेंस से वापस भेज दिया दिया।
होंडा शोरूम एवं हीरो शोरूम के कर्मचारियों के बीच शोरूम में काम छोड़ने को लेकर मंगलवार की रात को पेट्रोल पंप के पास मारपीट हो गई , इसी दौरान होंडा शोरूम के गार्ड ने हवाई फायरिंग कर दी जिसके बाद मामला गंभीर हो गया और इस घटना की खबर जिले के अलावा छत्तीसगढ़ के कोने कोने में सोशल मीडिया के माध्यम से फैल गई । मामले को लेकर खूब राजनीति भी हुई। भाजपा वर्सेस कांग्रेश का जोर दिखाने की कोशिश की गई एक पक्ष को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह से जोड़ा गया तो वहीं दूसरे पक्ष को मंत्री मोहम्मद अकबर से जोड़ने का प्रयास सोशल मीडिया में जारी रहा। हालांकि दूसरे दिन इन सभी मामलों की हवा निकल गई और लोग लोग चुप्पी साध गए।

क्या जिला अस्पताल में था इलाज संभव? लगा आरोप।

एफआईआर में जानलेवा हमला व अति गंभीर रूप से घायल होने का जिक्र नहीं होने के बाद कुछ लोगो ने आरोप लगाते हुए यह सवाल किया गया कि तो क्या मारपीट में घायल युवक की स्थिति बेहद नाजुक नहीं थी? कि उसे तुरंत ही रेफर किया जा सके। क्या घायल युवक का इलाज जिला अस्पताल में भी हो सकता था ! हालांकि अंदुरुनी चोट के बारे में अभी खुलासा नही हो पाया है। रेफर करने की खबर को लेकर अब सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। चौक चौराहों में यह चर्चा गरम है कि घायल व्यक्ति का इलाज इतने डॉक्टरों और विशेषज्ञों के रहने के बाद भी क्यों नहीं किया गया। इस बात को लेकर जिला अस्पताल को सामने आकर पूरे मामले को तफसील के साथ रखना चाहिए कि किन हालातों में और कितने गंभीर चोट थी, कहां-कहां चोट लगी थी जिसके चलते उन्हें रायपुर रेफर किया गया, यहां इलाज संभव था या नहीं, जबकि अभी हाल ही में जिला अस्पताल में अनेकों डॉक्टरो की नियुक्ति हुई है उसके बाद भी अगर केस रेफर हो रहा है और सही समय में इलाज लोगों को नहीं मिल पा रहा है जिसके चलते रायपुर रेफर होना पड़ रहा है तो यह सवाल लोगों के जेहन में उठना वाजिब है।

एफआईआर में गंभीर रूप से घायल या जानलेवा हमला का जिक्र नहीं।

पुलिस की ओर से जारी डीएसआर में दो पक्षों में हुए मारपीट में किसी पर जानलेवा हमला या अति गंभीर रूप से घायल होने का जिक्र नहीं किया गया है। FIR में गाली गलौज जान से मारने, मारपीट और हवाई फायरिंग का ही जिक्र है तो सवाल यह उठता है कि जब जानलेवा हमला हुआ ही नहीं है तो फिर गंभीर रूप से घायल कैसे हुआ और यदि गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है तो उसे रेफर क्यों और कैसे किन हालातों में किया गया, इन सवालों के जवाब अभी आना बाकी है। यदि युवक गंभीर रूप से घायल है और रायपुर में ही इलाज में ही संभव है तो फिर जानलेवा हमला में गंभीर रूप से घायल का होने का एफआईआर में इन बातों का जिक्र क्यों नहीं किया गया है।क्या आवेदनकर्ता ने इन बातों का जिक्र किया था या नही? बहुत से ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अभी आना बाकी है बहरहाल सोशल में मीडिया में चल रही बातों में आरोप-प्रत्यारोप तैर रहे हैं, हकीकत में अधिकारिक बयान आने के बाद ही इसकी पुष्टि हो पाएगी।

पुलिस द्वारा जारी DSR रिपोर्ट

तीन लोगों को हिरासत में लेकर की जा रही पूछताछ

एएसपी अनिल सोनी ने CG संवाद को बताया कि मामले को लेकर दोनों तरफ से एफआईआर दर्ज की गई है, जिसके बाद तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया जा रहा है। दोनों पक्षों की ओर से इस मामले में गंदी गालियां देने ,मारपीट करने व हवाई फायरिंग करने को लेकर मामला कोतवाली में दर्ज कराया गया है जिसमें आनंद जयसवाल चंदू धुर्वे सिक्योरिटी गार्ड व अन्य 294,323,506-बी, 34 तथा 25,27 आर्म एक्ट लगाया गया है। वही दूसरे पक्ष योगेश कौशिक, पंकज मिश्रा, बीरू साहू एवं अन्य के खिलाफ धारा 294,323,506, 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

सीएमएचओ को नहीं है रेफर की जानकारी

जिला स्वास्थ्य अधिकारी जैसे स्वास्थ्य विभाग का सर्वेसर्वा माना जाता है ऐसे में जिला अस्पताल के द्वारा रेफर किए जाने के संबंध में अधिक जानकारी नहीं दी गई सीएमएचओ एसके तिवारी ने CG संवाद को बताया कि उन्हें रेफर और चोट के बारे में जानकारी नहीं दी गई है एक फोन कॉल जरूर आया था जिसमें नंबर मांगने की बात कही गई थी मुझे इस घटना में घायलों को कितना और कहां चोटे आई है जिसके चलते रायपुर रिफर किया गया है उसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है दी गई है इस बयान के बाद यह प्रश्न उठता है कि क्या सीएमएचओ को पूरे घटने से अनजान रखा गया और बिना सहमति के रेफर कर दिया गया।

हवाई फायरिंग के बाद सोशल मीडिया में बवाल

मारपीट के दौरान गार्ड द्वारा हवाई फायरिंग करने को लेकर सोशल मीडिया में बवाल मचा हुआ है लोग इस मामले को लेकर तरह तरह से पोस्ट कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर पक्ष-विपक्ष इस मामले को लेकर चुप्पी साधा हुआ है । छोटे-छोटे मामलों में बयान देने वाले जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता इस मामले को लेकर खामोशी अख्तियार कर लिए हैं।

Updated : 19 Aug 2020 5:40 PM GMT
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