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कोरोनाकाल में शिक्षित बेरोजगार युवको ने बदल दी पढ़ाई की दशा-दिशा, संक्रमण काल में स्कूल बंद हुआ तो मोहल्ला गली स्कूल मे लगा दी क्लास।

कोरोनाकाल में शिक्षित बेरोजगार युवको ने बदल दी पढ़ाई की दशा-दिशा, संक्रमण काल में स्कूल बंद हुआ तो मोहल्ला गली स्कूल मे लगा दी क्लास।
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0 शिक्षक के अथक प्रयास से गौरझुमर मे "मोहल्ला गली स्कूल" में हो रही पढ़ाई।

ताहिर खान/ कमलेश अग्रवाल
कवर्धा/रणवीरपुर -कोरोना वायरस के कहर से पूरे विश्व के साथ-साथ भारत भी इसके तहत से सिहर उठा है लोगों का व्यापार से लेकर जीवन तक प्रभावित हुआ है ऐसे में बच्चों की पढ़ाई और भविष्य भी बुरी तरह से प्रभावित होता हुआ नजर आ रहा है छत्तीसगढ़ एक कबीरधाम जिले में एक ऐसा भी गांव है जहां पर एक शिक्षक ने बच्चों को पढ़ाने व के भविष्य को संवारने के लिए गली में ही गांव के ही शिक्षित बेरोजगार युवाओं के माध्यम से "मोहल्ला गली स्कूल" चलाने का बीड़ा उठाया है जहां बच्चे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पढ़ाई कर रहे हैं।

वैश्विक महामारी Covid-19 के चलते स्कूलों में ताले लगे हैं,अनेको स्कूलों को क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाया गया हैं।इस विषम परिस्थिति में भी सभी लोगों के दिनचर्या से लेकर रहन–सहन भी प्रभावित हुआ है। इन सबके बीच सबसे ज्यादा प्रभावित व नुकसान हुआ है तो वह बच्चों की पढ़ाई। हालांकि इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा पढ़ाई तुहर द्वार योजना से ऑनलाइन क्लास चलाया जा रहा है लेकिन इसमें भी बहुत ज्यादा परेशानी है । कुछ के पास मोबाइल नहीं है, तो कुछ के पास मोबाइल खरीदने के लिए पैसे का अभाव है, तो कुछ के पास नेटवर्क नहीं है। इस योजना में केवल 15 से 20% बच्चे ही जुड़ पा रहे हैं।

ऐसे हुई अभियान कि शुरुआत

सहसपुर लोहरा विकासखंड गौरझुमर के नवाचारी शिक्षक रूपेश कुमार देवांगन ने पहल करते हुए गांव के गणमान्य नागरिकों,शाला प्रबंध समिति और पालकों से सतत् संपर्क कर इस बारे में चर्चा किए ,परिणाम स्वरूप गांव के ही शिक्षित बेरोजगार युवकों के बीच से"शिक्षा सारथी" का चयन किया गया। जिसमें गांव के स्नातक व 12 वी पास करने वाले युवाओं को प्राथमिकता के साथ पढ़ाने हेतु प्रोत्साहित किया गया ।युवाओं ने भी आगे आकर प्राथमिक शाला व पूर्व माध्यमिक शाला के सभी बच्चों को मोहल्ले और पारा अनुसार घरों में ही पढ़ने के लिए खुशी-खुशी तैयार हुए। शिक्षकों की मार्गदर्शन और दिशा निर्देश में इन युवाओं द्वारा नियमित अपनी सुविधा अनुसार और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई करा रहे हैं।

गॉव के हर गली में शिक्षा दे रहे शिक्षा सारथी

शिक्षा सारथी के रूप में मुख्य रूप से गांव के शिक्षक मानु लाल मंडावी, देवराम धुर्वे ,जितेश्वरी छैदेहा , योगेश्वरी नेताम,मनीष विश्वकर्मा , रजुत मंडावी ,पुकेन्द्र मार्कण्डेय अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं। बच्चों का मोहल्ले वार 5 समूह बनाया गया है, जिसमें बच्चों का सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई कराया जाता है। पालकों के चेहरे में भी खुशी दिखाई देने लगी है।
इस कार्यक्रम के लिए विकास खंड शिक्षा अधिकारी सन्तोष भास्कर, सहायक BEO देवेन्द्र साहू,विकासखंड स्त्रोत समन्वयक सुनील मेहरा , संकुल समन्वयक दिनेश साहू ने शिक्षकों ,पालको व सभी शिक्षा सारथी युवाओ का खुले मन से प्रशंसा किए हैं।“ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में शिक्षक लोग स्वप्रेरित होकर बेहतर कार्य कर रहे हैं।”
इस मोहल्ला गली क्लास को सफल बनाने में आनंद सिंह, बिसराम नेताम, गिरधर जांगड़े, चंद्रकुमार विश्वकर्मा, शत्रुघ्न छैदेहा,मोहन नेताम, लोमश मंडावी, ललित नेताम,सन्नी सिंह, घनश्याम ,बुढ़ान सिंह, लवकुश सिंह,बाबूदास, सहित बी आर साहू,उत्तम ठाकुर, विजयलक्ष्मी देवांगन , जगन्नाथ साहू, चित्ररेखा मार्कण्डेय का सहयोग रहा।

सरकार के लिए दिखाया रास्ता

बच्चों की पढ़ाई को लेकर सरकार चिंतित है ऑनलाइन क्लासेज के बाद अब लाउडस्पीकर से पढ़ाने की कवायद चल रही है जिससे बच्चे पूर्णता जुड़ नहीं पा रहे हैं साथ ही शिक्षक संघ भी इसके विरोध में खड़े हो रहे हैं ऐसे में "शिक्षा सारथी" युवाओं ने मोहल्ला गली स्कूल में पढ़ाई का सफल संचालन कर सरकार को एक नया रास्ता दिया है सरकार चाहे तो गांव के ही शिक्षित बेरोजगारों को कुछ मानदेय देकर स्थानीय "गली-मोहल्लों "में समूह बनाकर बच्चों की पढ़ाई सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए करवा सकती है।

Updated : 7 Aug 2020 2:09 PM GMT
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