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नगर निगम कोरबा के मुख्य लेखा अधिकारी पर निविदा को विधि विरुद्ध तरीके से निरस्त करने व वित्तीय अनियमितता करने का आरोप।

नगर निगम कोरबा के मुख्य लेखा अधिकारी पर निविदा को विधि विरुद्ध तरीके से निरस्त करने व वित्तीय अनियमितता करने का आरोप।
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  • पी आर मिश्रा पर पर लगे गंभीर आरोप,

  • आयुक्त से लेकर मुख्यमंत्री तक हुई शिकायत।

शुभांशु शुक्ला

नगर पालिक निगम कोरबा के मुख्य लेखाधिकारी पी आर मिश्रा पर निविदाओं में भ्रष्टाचार व अनियमितता करने का पुनः आरोप लगाया गया है और इस प्रकरण की जांच की मांग की गई है।

नवनीत राहुल शुक्ला के द्वारा आयुक्त और मुख्यमंत्री से किये गए शिकायत के अनुसार वर्तमान प्रकरण कोरबा जोन के वार्ड क्रमांक 12 शारदा विहार में गार्डन निर्माण की निविदा से जुड़ा हुआ है। उक्त निविदा में निविदा प्राप्त करने वाले ठेकेदार फर्म के द्वारा समय पर सारी प्रक्रिया पूर्ण करने के पश्चात भी निजी स्वार्थ साधना हेतु कार्य आदेश जारी करने में अनावश्यक विलंब किया गया तथा निजी स्वार्थ सिद्ध होता नहीं दिखने पर तत्कालीन आयुक्त श्री रणवीर शर्मा की अनुशंसा के बिना ही विधि विरुद्ध तरीके से निविदा निरस्त कर दी गई। उक्त प्रकरण में श्री मिश्रा द्वारा कार्य आदेश जारी करने हेतु भेजी गई निविदा की फाइल को अनावश्यक बिना किसी उचित कारण के दो मौकों पर 1 माह के लिए रोके रखने का आरोप लगाया गया है।

निगम कोष को घाटा पहुचांने का आरोप

उक्त प्रकरण में श्री मिश्रा व अन्य अधिकारियों द्वारा वित्तीय अनियमितता भी को अंजाम दिया गया है। विधि विरुद्ध निविदा को निरस्त करने के पश्चात, पुनः निविदा जारी कर दी गई परंतु निविदाशर्तों से नवनिर्मित गार्डन के संधारण संबंधी कंडिका को हटा लिया गया, जबकि निविदा की प्रशासनिक स्वीकृति में संधारण कार्य हेतु ₹ 3,45,000 की राशि समाहित की गई थी। नियमतः संधारण की कंडिका हटाने के पश्चात निविदा की प्राकलन राशि से संधारण कार्य हेतु रखी गई राशि को घटाया जाना चाहिए था जोकि श्री मिश्रा व अन्य अधिकारियों द्वारा नहीं किया गया जिससे निगम कोष को सीधे तौर पर ₹3,45,000 की हानि हुई है। इस प्रकरण में तत्कालीन कार्यपालन अभियंता की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।

जांच पश्चात करवाई का भरोसा

इस प्रकरण की शिकायत आज नगर निगम आयुक्त श्री एस जयवर्धन, महापौर श्री राजकिशोर प्रसाद व सभापति श्री श्यामसुंदर सोनी जी से की गई है। सभी ने प्रकरण की कड़ी व निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री से भी हुई शिकायत

श्री मिश्रा पर पहले ही निविदाओं में भ्रष्टाचार के आरोप पर मुख्यमंत्री द्वारा जांच के आदेश दिए गए हैं,ऐसा प्रतीत होता है कि श्री मिश्रा द्वारा अन्य अधिकारियों से सांठगांठ कर जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है तथा जांच रिपोर्ट बनाने का जिम्मा भी अपने किसी खास अधिकारी को दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। श्री मिश्रा के खिलाफ शिकायत नगर निगम आयुक्त से की गई है तथा उनसे निवेदन किया गया है की निष्पक्ष जांच हेतु श्री मिश्रा के करीबियों को जांच का जिम्मा न सौंपा जाए।

जांच के बाद ही स्थिति होगी साफ़

नगर पालिका निगम कोरबा के आयुक्त को सौपे पर गए शिकायत पत्र की जांच पश्चात ही आरोपों में कितनी सच्चाई है इसका खुलासा हो पाएगा।

Updated : 29 Jun 2020 8:00 PM GMT
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