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Home > छत्तीसगढ़ > पशु चिकित्सालय में चिकित्सकों की कमी के चलते नरवा,गरवा, घुरवा अउ बारी योजना पर लग सकता है ग्रहण,सात वर्षों से भर्ती की राह देख रहे है डिप्लोमाधारी।

पशु चिकित्सालय में चिकित्सकों की कमी के चलते नरवा,गरवा, घुरवा अउ बारी योजना पर लग सकता है ग्रहण,सात वर्षों से भर्ती की राह देख रहे है डिप्लोमाधारी।

पशु चिकित्सालय में चिकित्सकों की कमी के चलते नरवा,गरवा, घुरवा अउ बारी योजना पर लग सकता है ग्रहण,सात वर्षों से भर्ती की राह देख रहे है डिप्लोमाधारी।
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मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी नही हो रही भर्ती।

ताहिर खान

कवर्धा-एक तरफ़ प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल ग्रामीणों को सशक्त बनाने के लिए "नरवा गरवा घुरवा अउ बारी "गोधन न्याय" जैसी योजनाओं की स्वयं निगरानी कर रहे है, किसानों की फसलो को जानवरों से बचाने के लिए रोका छेका तिहार मना रहे है तो वहीं दूसरी तरफ पशु चिकित्सालय चिकित्सको की कमी से जूझ रहा है , जिले के चारो विकासखण्डों ( पंडरिया बोड़ला , कवर्धा, सहसपुर लोहारा) के पशु अस्पतालों में अभी 18 चिकिसक पदस्थ है, 29 पद अभी भी रिक्त है ।

एक से अधिक अस्पताल का प्रभार

अधिकतर अस्पताल ऐसे है जिनमे चिकित्सकों की नियुक्ति करना अत्यंत आवश्यक है चिकित्सको की कमी के चलते सही समय पर मवेशियो का उपचार नही हो पाता है और पशुपालको को सही मार्गदर्शन नही मिल पा रहा है वर्तमान में जिले में एक चिकित्सक को एक से अधिक चिकित्सालयो का प्रभार है जिससे विभागीय काम काज में बहुत देरी हो रही है ।

वर्षो से खाली पड़े है पशु चिकित्सक का पद

मुख्यमंत्री ने पशुधन विकास विभाग के पद सहायक शल्यज्ञ और सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी के पदों पर संविदा नियुक्ति के लिए सभी जिलों के कलेक्टर को आदेश दिया है ,26 मई 2020 को मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार सहायक शल्यज्ञ और सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी की नियुक्ति जिले के DMF व CSR फण्ड से होना है परन्तु जिले में अभी तक भर्ती प्रकिया शुरू नही रही है ।

पशुओ के ईलाज़ में हो रही परेशानी

शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा गरवा घुरवा अउ बारी के तहत प्रत्येक गांव के गौठान में पशु चिकित्सको द्वारा कृत्रिम गर्भाधान , टीकाकरण , बधियाकरण टैग लगाना आदि कार्य संपादित होते है परंतु चिकित्सको की कमी के कारण इन कार्यो में बाधा आ रही है परिणाम स्वरुप शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन नही हो रहा है ।

भटक रहे है डिप्लोमाधारी

युवा नेता सुमित तिवारी का कहना है कि जिले के डिप्लोमाधारी छात्र इस मामले में कलेक्टर से भी मिल चुके है और निवेदन किया है कि रिक्त पदों अतिशीघ्र नियुक्ति हो,परन्तु अभी तक कोई आगे की कार्यवाही नही हो पाई है। पूरे प्रदेश में विगत 7वर्षों से सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी की भर्ती नही हुई है जिसके कारण लगभग 1000 से ज्यादा डिप्लोमाधारी छात्र छात्रायें बेरोजगार बैठे है जिले में भी ऐसे बहुत से छात्र छात्रायें है जो इस पद की पात्रता रखते है,सरकार को भर्ती की प्रकिया पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

सुमित तिवारी

Updated : 28 Jun 2020 8:39 PM GMT
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