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BIG NEWS-पतंजलि का कोविड 19 की दवा बनाने का दावा,कांग्रेस ने लगाया गुमराही का आरोप,  एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे थाना।

BIG NEWS-पतंजलि का कोविड 19 की दवा बनाने का दावा,कांग्रेस ने लगाया गुमराही का आरोप,  एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे थाना।
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टी आई को आवेदन सौपते कांग्रेसी

ताहिर खान

0कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ विधायक डॉक्टर विनय जायसवाल अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थाने।

कोरिया- पतंजलि ने Covid-19 की दवा बनाने का जैसे ही दावा किया ख़बर आग की तरह फैल गई,पक्ष विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया, इसी दावे के बीच आयुष विभाग ने भी अपना पल्ला झाड़ते हुए दवा की पुष्टि नही की। जिसके बाद बाजार में उतारने पर रोक लगाने और निर्माण करने वाली संस्था पतंजलि एवं उसके मालिक पर एफआईआर दर्ज करने कांग्रेसी चिरमिरी थाना पहुँच कर देश को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
योग गुरु स्वामी रामदेव ने कोरोना वायरस की दवा कोरोनिल को मंगलवार को लांच करते हुए कोरोना की दवा बनाने का दावा किया गया जिसके बाद आयुष मंत्रालय ने इस दावा पर रोक लगा दी साथ ही इसके प्रचार प्रसार पर पाबंदी लगाते हुए जाँच के बाद प्रशासनिक आदेश मिलने पर व्यवसाइयों को बेचने की अनुमति देने की बात कही जा रही । वही इस पुरे मामले को लेकर अब कांग्रेसी भी लामबंद होते दिख रहे और सड़को पर उतर कर अपना विरोध दर्ज करा रहे है । जिसको लेकर कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ विधान सभा के विधायक डॉक्टर विनय जायसवाल ब्लाक कांग्रेस कमेटी चिरमिरी के नेतृत्व में थाना चिरमिरी पहुच कर शिकायत पत्र देते हुए । कोविड 19 कोरोनिल दावा करने वाली कंपनी के बाबा राम देव पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

कांग्रेस ने लगाया गंभीर आरोप

इस पुरे मामले में डॉ जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया की पतंजलि दवा निर्माण कम्पनी के सह संस्थापक योग गुरु बाबा रामदेव के द्वारा कोविड-19 कोरोना वायरस की दवा कोरोना बनाकर उनके द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि यह कोराना वायरस कोविड-19 के रोकथाम के लिए उपयुक्त है और इससे संक्रमित व्यक्ति स्वस्थ्य हो जाएगा जो कि भ्रामक एवं देश की जनता के साथ धोखा तथा घोर व्यवसायी संचार और आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है। स्वास्थ्य मंत्रालय की सहमती एवं स्वीकृति के पूर्व तथा स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा अनुमोदन कराये जाने के पूर्व दवा का निर्माण का दवा एवं भ्रामक विज्ञापन का प्रचार-प्रसार अपराध की श्रेणी में आता है तथा संज्ञान लिए जाने योग्य है।
विज्ञापन पर प्रतिबंध

विधायक ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय के स्पष्ट दिशा निदेश में किसी भी औषधि के संदर्भ में इस आशय का विज्ञापन अपराध की श्रेणी में है कि उपरोक्त औषधि अमुख बिमारी के रोकथाम एवं इलाज हेतु उपयुक्त है एवं विशेष रूप से स्वास्थ्य मंत्रालय दवाओं की विज्ञापन पर प्रतिबंध है बावजुद इसके जानते हुए भी पतंजलि दवा निर्माण द्वारा स्वयं वैश्विक महामारी कोविड-19 के रोकथाम एवं इलाज हेतु औषधि के निर्माण का विज्ञापन कर ना सिर्फ देश के साथ छल-कपट किया है । बल्कि विश्व स्तर पर भारत की विश्वशनियता को भंग किया है और आर्थिक लाभ हेतु भ्रामक प्रचार-प्रसार कर कोविड-19 के इलाज हेतु दवा का अविष्कार करने का दावा किया है साथ ही साथ औषधी की निर्माण पूर्ण होने की जानकारी समाचार के माध्यम से प्रचारित-प्रसारित की है। तथा स्वास्थ्य मंत्रालय की सहमती स्वीकृति एवं अनुमोदन के पूर्व ही कोविड-19 के इलाज की दवा का निर्माण दावा कर घोर व्यवसायीक कदाचार किया गया है। तथा वैश्विक महामारी के काल में उपरोक्त विज्ञापन संज्ञान लिए जाने ।
और अपराध पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिए जाने योग्य है तथा भा० द0 वि0 की धारा 20 एवं महामारी अधिनियम के अतिरिक्त ड्रग्स कंट्रोल एक्ट के तहत अपराघ पंजीवद्ध करने अग्रिम न्यायिक कार्यवाही किये जाने हेतु शिकायत पत्र दिया गया है।

Updated : 24 Jun 2020 4:24 PM GMT
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