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ग्रामीणों ने लिया संकल्प एक होकर ”रोका छेका” से बचाएंगे अपनी फसल, परंपरा को अगली पीढ़ी तक पहुचाने की क़वायद।

ग्रामीणों ने लिया संकल्प एक होकर ”रोका छेका” से बचाएंगे अपनी फसल, परंपरा को अगली पीढ़ी तक पहुचाने की क़वायद।
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0 खरिफ फसलों को चरने से बचाने एकजूट हुए ग्रामीण

कवर्धा- फसल बोनी से पहले किसानों द्वारा छत्तीसगढ़ में पालतू और घूमंतु जानवरों को पारम्परिक तरीके से रोका-छेका किया जाता है। सदियों से चली आ रही इस पारम्परिक रिती-रिवाज को आने वाली नई पीढ़ी भूल रही थी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था पुर्नजीवित करने के लिए सुराजी गांव योजना के तहत गौठान का निर्माण किया गया। कबीरधाम जिले में 74 गौठान बनाएं गए है, जहां जानवरों के लिए पानी, छांव, चारा जैसे मूलभूत सुविधा दी जा रही है। जिले के सभी गौठानों में आज गौ पालक किसानों द्वारा अपनी फसल के उत्पादन में बढोत्तरी करने का संकल्प लेते हुए रोका-छेका का आयोजन किया गया। गौ पालक किसानों ने सरकार की इस योजना की सराहना करते हुए कहा कि पुरानी परंपरा अब वापस आ रही है। जिले के बिरकोना, बचेड़ी, मिनमिनिया मैदान और दुल्लापुर गौठान में आयोजित इस आयोजन में कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा, जिला पंचायत सीईओ विजय दयाराम के. शामिल हुए। इस आयोजन में संबंधित जनपद सीईओ, जनपद अध्यक्ष, सदस्य, गौठान विकास समिति, महिला स्व. सहायता समुह और ग्रामीणजन उपस्थित थे। आज जिले के सभी ग्रामों में रोका-छेका का आयोजन कर ग्रामीणों ने एक सूर में संकल्प लिया की पशु से वे एक-दूसरे के साथ अपने फसलों को बचाकर उत्पादन बढ़ाएंगे। जंगल क्षेत्र से लेकर मैदानी गांव तक रोका-छेका अभियान के कार्यक्रम का व्यापक असर देखने को मिला। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, पशुपालन विभाग, उद्यानिकी विभाग, कृषि विभाग एवं अन्य विभाग के द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में गांव के पंच, सरपंच, ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ महिला समूह ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। ज्ञात हो कि रोका-छेका आयोजन करने का मुख्य उदेश्य खरिफ फसलों को पालतू एवं अवारा पशुओं के चरने से बचाना है। जिससे किसी भी कृषक का कोई नुकसान न हो और पैदावार में वृद्धि मिले।

ग्रामीणों का संकल्प रोका-छेका के अवसर पर जिले में गांव के साथ-साथ गौठानों पर बहुत से कार्यक्रम आयोजित किये गए। इस कार्यक्रम में ग्राम गौठान समिति के सदस्यों ने मिल बैठकर ग्रामीणों के साथ विचार-विमर्श करते हुए संकल्प लिया की अपने पालतू मवेशियों को अपने घर अथवा गौठान में रख कर चारा-पानी की व्यवस्था की जायेगी, तथा गौठान में पशुओं को भेजेंगे। पशुओं को गांव के खेतो एवं बाड़ियों में अवारा घुमने के लिए नहीं छोड़ेंगे। आस-पास के खेतो तथ उघानों में अपने पालतू पशुओं का प्रवेश रोकने के लिए स्वंय की व्यवस्था करेंगे। पशु से उत्सर्जित होने वाले अपशिष्ट के लिए घुरवा (कम्पोस्टिंग) के लिए स्वंय की अथवा सामुहिक व्यवस्था में सहभागी होकर वचन दिया गया कि पालतू पशुओं से फसलों अथवा उघानों का नुकसान होने पर ग्राम पंचायत द्वारा अधिरोपित अर्थदण्ड का भुगतान करने हेतु बाध्य होंगे।

विभिन्न गौठानों में शिविर का आयोजन कर ग्रामीणों को किया गया जागरूक कबीरधाम जिले के प्रथम चरण पर 74 गौठानों को निर्माण किया जा चुका है। सभी गौठानों में ग्रामीणों कि सहभागीता से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिले के बिरकोना, बचेड़ी, मिनमिनिया मैदान और दुल्लापुर गौठान में कृषि विभाग द्वारा धान बीज का वितरण किया गया। उद्यानिकी विभाग द्वारा पौधा वितरण किया गया एवं बाड़ी में सब्जी-भाजी लगाये जाने के संबंध में योजनाओं की जानकारी दी गई। पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं को टिकाकरण करते हुए मौसमी बिमारी और उसके उपचार के बारे में ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी दी गई। कृषि विभाग द्वारा धान बीज और कृषि उपकरण का वितरण किया गया। गौठान से आजीविका कमा रही महिला स्व.सहायता समूह द्वारा बनाये गए सामग्रियों का प्रदर्शन भी किया गया जिसमें वर्मी खाद, अगरबत्ती, पेन, मसाले सहित अन्य सामग्रियों का प्रदर्शन किया गया। मतस्य पालन विभाग द्वारा हितग्राहियों को आइस बॉक्स एवं जाल का वितरण कर शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई।

कलेक्टर एवं जिला पंचायत सी.ई.ओ. ने विभिन्न कार्यक्रमों में सिरकत कर ग्रामीणों का उत्साह बढ़ाया कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम विजय दयाराम के. ने जिले के ग्राम पंचायतो मे पहुंचकर रोका-छेका के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया और ग्रामीणों का उत्साहवर्धन किया। ग्राम बिरकोना के कार्यक्रम में कलेक्टर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा की छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुराजी गांव योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बहुत से कार्य हो रहे है। नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी के द्वारा गांव के संसाधनो का विकास कर गौठान में उपलब्ध साधन से आजीविका संर्वधन का कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने ग्रामीणों से कहा की छत्तीसगढ़ में रोका-छेका की पुरानी परम्परा रहीं हैं जिससे फसलों को चरने से बचाया जा सकें। महिला समूह के कार्यो की सराहना करते हुए गौठान से मिलने वाले रोजगार के अवसर के कारण ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर हो रहीं है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विजय दयाराम के. ने ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा शासन के बहुत से विभाग गौठान में अपनी सेवाएं लगातार दे रहे है जिसमें प्रमुख रूप से पशुओं को चिकित्सा सहायता, चारा, छाया, पानी के साथ गौठान के संरक्षित स्थलों में सब्जियॉं उत्पादित कर ग्रामीण लाभ प्राप्त कर रहा है। गौठान की उपयोगिता एवं ग्राम गौठान समिति के महत्व की बात भी बताया गया। अपने भ्रमण के दौरान ग्राम बिरकोना के साथ स.लोहारा के साथ गांव बचेड़ी, बोड़ला का मिनमिनीया मैदान में परंपरागत से आयोजित होने वाले पूजा में शामिल हुए। पंडरिया का दुल्लापुर गौठान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर ग्रामीणों से चर्चा करते हुए विभाग के द्वारा लगाय गए प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत ने सभी स्थानों में वृक्षारोपण कर लोगो को पौधा भेट करते हुए वृक्षारोपण करने प्रेरित किया।

Updated : 19 Jun 2020 1:09 PM GMT
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