Top
Home > Breaking News > अर्णब गोस्वामी के ऊपर दर्ज एफआईआर पर चलेगा मुकदमा,धार्मिक सौहार्द्र को ठेस पहुंचाने और कांग्रेस अध्यक्ष के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी का आरोप।

अर्णब गोस्वामी के ऊपर दर्ज एफआईआर पर चलेगा मुकदमा,धार्मिक सौहार्द्र को ठेस पहुंचाने और कांग्रेस अध्यक्ष के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी का आरोप।

अर्णब गोस्वामी के ऊपर दर्ज एफआईआर पर चलेगा मुकदमा,धार्मिक सौहार्द्र को ठेस पहुंचाने और कांग्रेस अध्यक्ष के विरुद्ध  अपमानजनक टिप्पणी का आरोप।
X


0 अर्णव का मामला सीबीआई को ट्रांसफर करने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इंकार

ताहिर खान
Big News
ब्यूरो रिपोर्ट- निजी समाचार चैनल के संपादक अर्णब गोस्वामी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।कथित रूप से धार्मिक सौहार्द्र को बिगाड़ने एवं सोनिया गांधी के ऊपर अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में पूरे देश भर में अनेकों fIR दर्ज हुए थे जिसमें छत्तीसगढ़ में ही अनेक जिलों में एफआईआर दर्ज की गई है। इसी मामले को लेकर अर्णब गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा है कि अर्णब पर जंहा भी एफआईआर है वहाँ पर ही मुकदमा चलेगा। इस फैसले के बाद अर्णब गोस्वामी की मुश्किलें बढ़ती हुई दिख रही है।

रुपेश दुबे ,महामंत्री,छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी,विधि विभाग ने कहा कि हमें न्याय व्यवस्था पर विश्वास है कि न्याय होगा। क्योंकि देशभर में धार्मिक सौहार्द्र को ठेस पहुंचाने और कांग्रेस अध्यक्ष के विरुद्ध अप्रासंगिक अपमानजनक टिप्पणियों पर न्याय आवश्यक है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अर्णब गोस्वामी की याचिका को अनुच्छेद 32 के अंदर सुने जाने योग्य नहीं माना गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गोस्वामी को अपने विरुद्ध दायर की गई एफ आई आर को चुनौती देने के लिए सही फोरम में चुनौती देने को कहा है।
रूपेश दुबे
देश भर में हुई है एफआईआर

श्री दुबे ने कहा कि अर्णब गोस्वामी के विरुद्ध देशभर में कथित रूप से धार्मिक सौहार्द्र को ठेस पहुंचाने एवं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के विरुद्ध अपमानजनक बातों का उपयोग करने के आरोप में एफआईआर हुई थी। अर्णब गोस्वामी द्वारा इन एफआईआर को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। गोस्वामी द्वारा अपनी याचिका में अपने विरुद्ध हुए सभी एफ आई आर रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से प्रार्थना की गई थी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह टिप्पणी करते हुए गोस्वामी की याचिका का निपटारा कर दिया गया है कि किसी एक व्यक्ति के लिए विशेष नियम बनाकर भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता से परे जाते हुए कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गोस्वामी को 3 हफ्तों की अग्रिम जमानत का लाभ दिया गया है।

सीबीआई को ट्रांसफर करने से किया मना।

अर्णब गोस्वामी अपने विरुद्ध देशभर में हुए एफ आई आर को चुनौती देने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पहुंचे थे। उनकी याचिका में सुप्रीम कोर्ट से यह प्रार्थना की गई थी की इनके विरुद्ध हुए एफ आई आर की जांच मुंबई पुलिस द्वारा न करवाते हुए सीबीआई को सौंप दी जाए। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गोस्वामी के इस आवेदन को खारिज कर दिया गया है। गोस्वामी के विरुद्ध दायर की गई जो एफ आई आर मुंबई पुलिस ने दर्ज की है उसी पर जांच करने का आदेश दिया है

Updated : 19 May 2020 8:20 PM GMT
Next Story
Share it
Top