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भूपेश सरकार का झटका-कर्मचारियों के वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक लगाए जाने से कर्मचारी नाराज, सरकार के खिलाफ खोल सकते है मोर्चा।

भूपेश सरकार का झटका-कर्मचारियों के वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक लगाए जाने से कर्मचारी नाराज, सरकार के खिलाफ खोल सकते है मोर्चा।
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0 वीरेंद्र दुबे बोले- कोरोना संकट में कर्मचारियों के साथ अन्याय न करे सरकार, अपने फैसले पर करे पुनर्विचार।

ताहिर खान
रायपुर- छग सरकार ने के शासकीय कर्मचारियों के वार्षिक वेतन वृद्धि, स्थानांतरण, एरियर्स राशि भुगतान आदि पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया है। सरकार के इस निर्णय को शालेय शिक्षाकर्मी संघ ने अनुचित बताते हुए विरोध किया है।
शालेय शिक्षाकर्मी संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा कि कर्मचारियों को वर्ष में एक बार जुलाई माह में एक वेतन वृद्धि प्रदान किया जाता है। जो उनका अधिकार है। एक तरफ सरकार द्वारा वैश्विक महामारी कोरोना संकट के इस दौर में आर्थिक पैकेज सहित अन्य माध्यमों से लोगों को राहत पहुंचाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों के वेतन वृद्धि, स्थानांतरण आदि पर रोक लगाया जा रहा है। जो पूरी तरह से अनुचित है। यह कर्मचारियों के साथ अन्याय है। सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। शीघ्र ही इस संबंध में मुख्यमंत्री व उच्चाधिकारियों से मुलाकात कर उक्त आदेश को निरस्त करने की मांग की जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे

कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी व प्रदेश महासचिव धर्मेश शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वेतन वृद्धि आदि पर रोक लगाना कर्मचारियों के हित में नही है। इससे कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ेगा। कोरोना संकट के ऐसे समय में कर्मचारियों का मनोबल भी कम होगा। राज्य सरकार को उक्त फैसले पर रोक लगाते हुए कर्मचारियों को पहले की भांति वेतन वृद्धि प्रदान किए जाने का आदेश जारी करना चाहिए।
प्रदेश प्रवक्ता गजराज सिंह राजपूत ने कहा कि कोरोना संकट में राज्य के कर्मचारीगण सरकार के साथ चल रहे हैं। कोरोना के रोकथाम व नियंत्रण हेतु अपना योगदान दे रहे हैं। गत समय कर्मचारियों ने अपना एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा भी कराया। इसके अलावा कर्मचारीगण अपनी स्वेच्छानुसार और मदद कर ही रहे हैं। ऐसे स्थिति में कर्मचारियों के वेतन वृद्धि, स्थानांतरण आदि पर रोक लगाना न्यायसंगत नही है। सरकार के इस निर्णय से कर्मचारियों में नाराजगी है। संघ के समस्त प्रांतीय पदाधिकारीगण, जिलाध्यक्ष, ब्लाक अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारीगण सहित समस्त सदस्यों ने सरकार से उक्त आदेश को निरस्त कर पहले की भांति समस्त कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि, स्थानांतरण आदि का लाभ देने की मांग की है।

Updated : 27 May 2020 11:25 AM GMT
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