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वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने किया हमला,दोनों पक्षों ने दर्ज कराया मामला

वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने किया हमला,दोनों पक्षों ने दर्ज कराया मामला
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ताहिर खान, प्रधान संपादक

कवर्धा-होली त्यौहार के मद्देनजर राज्य शासन के आदेश अनुसार जंगल का निरीक्षण करने गए वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया ।एसडीओ, रेंजर, डिप्टी रेंजर व वनरक्षक के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। दोनों पक्षों के तरफ से बोड़ला थाने में मामला दर्ज हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य शासन के द्वारा होलिका दहन के समय जंगलों में आग लगाने की घटनाएं बढ़ जाती है जिसे रोकने के लिए वन विभाग को टीम गठित कर जंगल की सुरक्षा करने का निर्देश जारी किया गया है। इसी मद्देनजर तीन अलग-अलग वाहनों में सवार होकर 15 सदस्यों की टीम जंगल का निरीक्षण करने जा रहे थे साथ ही उन्हें अवैध लकड़ी कटाई की भी सूचना प्राप्त हुई थी। वन विभाग की टीम सिंघारी के पास बीजापानी पहुंची जहां कुछ ग्रामीण मौजूद थे अधिकारियों ने पूछा तो वह डंडा नाचने के लिए जाने की बात कहीं इसी बीच वन अधिकारियों ने उन्हें वहां से जाने के लिए कहा इसी दौरान कुछ ग्रामीण आक्रोशित हो गए और एक जनप्रतिनिधि के पति को फोन लगाया गया उनके द्वारा कुछ ऐसी बात कही गई जिससे वन अधिकारी व उनकी टीम और ग्रामीणों के बीच वाद-विवाद की स्थिति बढ़ गई देखते ही देखते -देखते यह विवाद मारपीट में तब्दील हो गयी। सूत्रों की मानें तो दोनों तरफ से मारपीट हुई है। वहीं ग्रामीणों की संख्या अधिक होने के चलते वन विकास निगम के एसडीओ, रेंजर, डिप्टी रेंजर व वनरक्षक की पीटाई होने की बात सूत्रों के माध्यम से मिली है।

दोनों तरफ से मामला हुआ दर्ज

मारपीट के बाद वन विभाग एवं ग्रामीणों की ओर से अलग-अलग बोड़ला थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। जनप्रतिनिधि के पति के द्वारा ऊंची पहुंच होने का हवाला वन अधिकारियों को देने के बाद भी सामने आई है बरहाल मामला अब थाने पहुंच चुका है और यह विवाद आने वाले समय में और भी गहराएगा और मामला भी संगीन माना जा रहा है।

इससे पहले कांग्रेसियों पर हुआ था मामला दर्ज

एक मामले के विरोध में कांग्रेसियों ने कुछ वर्ष पूर्व वन विभाग कवर्धा कार्यालय का घेराव किया था जहां पर विभाग ने तोड़फोड़ और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए थाने में मामला दर्ज कराया था। जिसके चलते लगभग 60 कांग्रेसी जिसमें बड़े नेताओं का भी नाम शामिल था उन्हें कई महीनों की जेल हुई थी और कई साल पेशी में जाना पड़ा था हालांकि बाद में उन्हें निर्दोष करार कोर्ट द्वारा दे दिया गया था।

Updated : 8 March 2020 5:52 PM GMT
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