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एमपी में सियासी हाईवोल्टेज ड्रामा- कमलनाथ और सिंधिया में ठनी, 20 मंत्रियों का इस्तीफ़ा।

एमपी में सियासी हाईवोल्टेज ड्रामा- कमलनाथ और सिंधिया में ठनी, 20 मंत्रियों का इस्तीफ़ा।
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कांग्रेस में रहेंगे सिंधिया या जाएंगे बीजेपी में सबकी टिकी निगाहें।

ताहिर खान, प्रधान संपादक

रायपुर - एक ओर जहां होली में सात रंग एक होकर त्योहार को रंगीन बनाते हुए दिख रहे हैं। तो वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश में सियासत अपना अलग ही रंग दिखा रहा है।

होलिका दहन की रात कमलनाथ सरकार के 20 मंत्रियों ने कमलनाथ को इस्तीफा सौंप दिया और उनका इस्तीफा मंजूर भी कर लिया गया। हालांकि इस्तीफा दिए मंत्रियों ने कहा कि असंतुष्ट नेताओं को संतुष्ट करने के लिए जगह खाली किया गया है। 17 विधायक इस घटनाक्रम से पहले ही बेंगलुरु के लिए रवाना हो चुके थे। जिन्हें सिंधिया गुट के विधायक और मंत्री माना जा रहा है। इनमे 11 विधायक और छह मंत्री शामिल हैं।

विधानसभा चुनाव के बाद से ही मुख्यमंत्री कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया की बीच तल्खी बढ़ने लगी थी, जो अब जाकर आर पार की लड़ाई में तब्दील हो गया है। वर्तमान में इस लड़ाई कुर्सी की लड़ाई मानी जा रही है। ज्ञात हो कि शिवराज सिंह के मजबूत शासन को उखाड़ फेंकने के बाद कांग्रेस का मध्यप्रदेश में सबसे बड़े चेहरा ज्योतिरादित्य सिंधिया ही थे। जिनका मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा था, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने कमलनाथ को प्रदेश की कमान थमा दी। दोनों के बीच तकरार शुरुआत दिनों से ही देखने को मिल रहा था। यहां तक सिंधिया ने कमलनाथ सरकार के विरुद्ध सड़क पर लड़ाई लड़ने की बात कही थी जिसके जवाब में कमलनाथ ने सिंधिया को सड़क पर उतरने की सलाह दे दिया था। इस वाकयुद्ध के बाद दोनों के बीच की खाई और भी बढ़ गई।

सिंधिया को मनाने की कोशिश

ज्योतिरादित्य सिंधिया को मनाने के लिए सोनिया गांधी खुद सामने आए और उन्हें फोन भी किया हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि सिंधिया की नाराजगी दूर हुई है कि नहीं।

शाह ने शिवराज को किया तलब।

इसी बीच मध्य प्रदेश के सियासी उठापटक को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को तलब किया और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और नरेंद्र तोमर की मौजूदगी में खोई हुई सत्ता को पुनः प्राप्त करने की संभावनाओं पर मंथन किया गया।

राज्यपाल की छुट्टी कैंसिल।

हाई वोल्टेज सियासी ड्रामा को देखते हुए 5 दिन की छुट्टी में लखनऊ गए राज्यपाल की छुट्टी कैंसिल हो गई है। और वे होली के दिन भोपाल पहुंच रहे हैं।

बुधवार का वार किस पर रहेगा टिकी निगाहें।

बुधवार यानी होली के दिन यह मध्य प्रदेश की राजनीति के लिए बेहद अहम दिन साबित होने वाला है। बेंगलुरु से कमलनाथ सरकार से नाराज 17 मंत्री और विधायक भी इसी दिन भोपाल पहुंचने वाले हैं, साथ ही बीजेपी भी इसी दिन अपना आखिरी दांव खेलना चाहेगी ताकि वे पुनः सत्ता को प्राप्त कर सके। सबकी निगाह ज्योतिरादित्य सिंधिया के रुख पर टिक गई है कि वह कांग्रेस के साथ ही रहेंगे की बीजेपी के साथ मिलकर पुनः बीजेपी की सरकार बनाने में मदद करेंगे और राज्यसभा के माध्यम से केंद्र की राजनीति में प्रवेश करना चाहेंगे।

Updated : 9 March 2020 7:32 PM GMT
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