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कोरोना संक्रमण काल में बैगा जनजाति के 97 युवक-युवतियों को मिला रोजगार। मंत्री अकबर से पत्र मिलते ही खुशी से खिला चेहरा।

कोरोना संक्रमण काल में बैगा जनजाति के 97 युवक-युवतियों को मिला रोजगार। मंत्री अकबर से पत्र मिलते ही खुशी से खिला चेहरा।
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मंत्री मोहम्मद अकबर ने शाला संगवारी बने सभी 97 युवक-युवतियों को प्रमाण पत्र दिया।

ताहिर खान

कवर्धा- कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण काल में देश के अन्य राज्यों में एक ओर जहां प्राईवेट कंपनियों में कर्मचारियों की छटनीं शुरू हो गई है, वही दूसरी ओर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश में जिले स्तर पर स्थानीय शिक्षित युवक-युवतियों के लिए रोजगार के सुनहरे अवसर दी जा रही है। राज्य सरकार की जिला खनिज संस्थान न्यास नीति के तहत कबीरधाम जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति के 97 शिक्षित युवक-युवतियों को शाला संगवारी के रूप में रोजगार दिया गया है।

प्रदेश के वन, परिवहन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर एवं पंडरिया विधायक श्रीमती ममता चंद्राकर द्वारा आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिले में शाला संगवारी के रूप में चुने गए सभी स्थानीय युवक-युवतियों को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए उन्हे शुभकामनाएं दी गई। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनने के बाद प्रदेश में युवाओं से लेकर किसानों में उम्मीद की नई किरण जागी है। किसानों की आर्थिक उन्नति और प्रगति के लिए राजीव गांधी न्याया योजना की शुरूआत की गई है, वहीं स्थानीय स्तर पर जिले के शिक्षित-युवक-युवतियों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान किया जा रहा है। कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिला खनिज संस्थान न्यास नीति के तहत नए शिक्षा सत्र के लिए शाला संगवारी के रूप में जिले के 97 युवक-युवतियों को रोजगार मुहैया कराई जा रही है। माध्यमिक स्कूल में सेवा देने वाले शाला संगवारी के लिए प्रतिमाह दस हजार रूपए और प्राथमिक स्कूल में सेवा देने वाले शाला संगवारी को प्रतिमाह 8 हजार रूपए मानदेय दिए जाएंगे।




राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत 51 हितग्राहियों को पट्टा वितरण किया

छत्तीसगढ़ शासन के वन, परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान कलेक्ट्रोरेट कार्यालय के सभा कक्ष में कवर्धा नगर पालिका क्षेत्र में निवासरत 51 हितग्रहियों को राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत नवनीकृत पट्टा वितरण किया। उन्होने पट्टा वितरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में गठित की नई सरकार द्वारा लगभग पौने दो वर्षों में नगरीय विकास के क्षेत्र में किए गए अभिनव प्रयासों से प्रदेश में शहरों के विकास की एक नई शुरूआत हुई है। राज्य सरकार ने शहरी गरीब परिवारों को काबिज भूमि का पट्टा देने और बेहतर आवास उपलब्ध कराने के लिए 'राजीव गांधी आश्रय योजना', 'मोर जमीन मोर मकान' जैसी अभिनव योजनाएं प्रारंभ की। बुनियादी सुविधाओं के विकास से नागरिकों को अनेक सहूलियतें मिली हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, जन शिकायतों के त्वरित निदान के लिए वार्ड कार्यालय जैसी योजनाएं लागू की गई हैं।

प्रत्येक भूमिहीन व्यक्ति को 600-1200 वर्गफुट का पट्टा प्रदान करने हेतु 'राजीव आश्रय योजना' प्रारंभ की गई है। प्रदेश के तीन लाख रुपए की आय तक वाले किराएदारों को मकान मालिक बनाने के लिए पॉश कॉलोनी में 3.5 लाख रुपए में दो कमरे का पक्का आवास दिया जाएगा। भूमिहीन व्यक्तियों को भूमि धारण का अधिकार प्रदान करने हेतु अधिनियम लाया गया है। इन अधिनियम के माध्यम से दिनांक 19 नवंबर 2018 के पूर्व में काबिज कब्जाधारकों को भू स्वामित्व अधिकार प्रदान किया जाएगा। इसमें ऐसे व्यक्ति भी लाभान्वित होंगे जिन्हें पूर्व में पट्टा प्रदान किया गया था परंतु नवीनीकरण प्रावधानों के अभाव में वह भूमि का उपभोग नहीं कर पा रहे थे इस निर्णय में राज्य के लगभग दो लाख से अधिक शहरी गरीब परिवार सीधे लाभान्वित होंगे तथा उन्हें 'मोर जमीन मोर मकान' योजना में 2.5 लाख तक वित्तीय सहायता प्रदान की जा सकेगी।





भोरमदेव आजीविका परिसर से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा आर्थिक स्वालंबन- मंत्री मोहम्मद अकबर

भोरमदेव आजीविका केन्द्र का लोकार्पण कर मंत्री ने महिला समूह को दी शुभकामनाएं,शहर से 12 किमी की दूरी पर विकासखण्ड बोड़ला के ग्राम पंचायत राजानवागांव में बनाये गये भोरमदेव आजीविका परिसर (मल्टी यूटीलिटी सेन्टर) का लोकार्पण छत्तीसगढ़ शासन के वन, परिवहन, आवास, पर्यावरण एवं विधि-विधायी कार्य विभाग एवं विधायक कवर्धा मोहम्मद अकबर के द्वारा किया गया। मंत्री द्वारा लोकार्पण किये गए भोरमदेव आजीविका परिसर को जिला प्रशासन कबीरधाम द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के विकास हेतु नयी कल्पना के साथ तैयार किया गया है, जिसमें सब्जी-भाजी उत्पादन के साथ दोना पत्तल निर्माण, प्रिंटिंग प्रेस, क्लीनिंग हर्बल निर्माण, मसाला उघोग, आचार पापड़ निर्माण, पेपर बैग के साथ मछली पालन सहित अनेक आर्थिक गतिविधियां ग्रामीण महिलाओं के द्वारा समूह के माध्यम से संचालित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' के तहत भोरमदेव आजीविका परिसर सें ग्रामीण महिलाओं को बड़ी मात्रा में नियमित रोजगार एवं आजीविका का साधन प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा, जिला पंचायत सीईओ विजय दयाराम के वनमंडलाधिकारी दिलराज प्रभाकर, नगर पालिका अध्यक्ष ऋषि शर्मा, नीलकंठ चन्द्रवंशी, श्री कन्हैया अग्रवाल, कलीम खान, नपा उपाध्यक्ष जमील खान, प्रभाती मरकाम, बैगा समाज के जिलाध्यक्ष कामू बैगा, भिखम कोसेल, पार्षद सुनिल साहू, अशोक सिंह, जाकिर चौहान आदि मौजूद थे

Updated : 13 Oct 2020 5:19 PM GMT
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