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भोरमदेव अभ्यारण्य में मौजूद तीन खूबसूरत प्रजातियों को राष्ट्रीय तितली चुनने वन विभाग की मुहिम से जगी उम्मीद।

भोरमदेव अभ्यारण्य में मौजूद तीन खूबसूरत प्रजातियों को राष्ट्रीय तितली चुनने वन विभाग की मुहिम से जगी उम्मीद।
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0 जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक के अलावा विभाग के कर्मचारियों ने किया एक साथ ऑनलाईन वोटिंग।

ताहिर खान

कवर्धा- "कौन कहता है कि आसमान में छेद नहीं हो सकता, एक पत्थर तबीयत से तो उछालो यारो "इसी कहावत को चरितार्थ करते हुए वन विभाग ने भोरमदेव अभ्यारण्य में मौजूद तितलियों की तीन खूबसूरत प्रजातियों में से एक को राष्ट्रीय तितली बनाने की मुहिम छेड़ी, कुछ दिनों में यह मुहिम विभाग के गलियारों से निकलकर शहर और गांव तक पहुंची। जनप्रतिनिधि, स्थानीय जनता के अलावा विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने जमकर इस मुहिम में हिस्सा लिया और ऑनलाइन वोटिंग किए जिसका बेहद सुखद परिणाम आने की संभावना है जाग उठी है, अगर इन तीन प्रजातियों में से एक भी राष्ट्रीय तितली घोषित होती है तो यह वन विभाग के साथ-साथ जिले के लिए या एक गर्व का विषय होगा, जब भी राष्ट्रीय तितली का जिक्र होगा तो कबीरधाम जिले का भी जिक्र उसके साथ ही हुआ करेगा। कबीरधाम जिले के भोरमदेव अभ्यारण्य में पाए जाने वाली तितली के तीन अलग-अलग प्रजातियों को राष्ट्रीय तितली को चुनने के लिए जिले में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। राष्ट्रीय तितली के चयन से लिए निर्धारित आखिरी तारीख 8 अक्टूबर को कवर्धा वनमंडल के आला अफसरों सहित सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने एक साथ ऑनलाईन वोटिंग कर कबीरधाम जिले को पर्यटन के भारतीय मानचित्र पर पहुंचाने की पुरजोर कोशिश की है।

वनमंडलाधिकारी दिलराज प्रभाकर ने बताया कि कबीरधाम जिला ही नहीं पूरे प्रदेश के विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों ने छत्तीसगढ़ की इस तितली को राष्ट्रीय तितली चुनने के लिए ऑनलाईन वोटिंग की है। इस वोटिंग में वन अमले के साथ-साथ जिले के नागरिक, स्कूली बच्चे, बैंकिंग सेक्टर में काम करने वाले लोग, व्यापारी वर्ग, गृहणी और मीडिया के साथियों का पूरा सहयोग मिला है। उन्होने भरोसा जताते हुए कहा कि जिले अथवा पूरे प्रदेश में जिस उत्साह के साथ छत्तीसगढ़ के भोरमदेव अभ्यारण्य में पाए जाने वाली तितली के राष्ट्रीय तितली के चयन के लिए ऑनलाइन वोटिंग की गई है, इससे ऐसा लग रहा है, की छत्तीसगढ़ की तितली का चयन हो सकता है। उन्होने यह भी कहा कि राष्ट्रीय तितलियों के चयन में शामिल सात प्रकार की तितलियों में भोरमदेव अभ्यारण की तीनों तितलियां सबसे ज्यादा खुबशुरत दिखाई दे रही है।





लोगो मे अभूतपूर्व उत्साह-डीएफओ

वनमंडलाधिकारी श्री प्रभाकर ने बताया कि जिस प्रकार से देश में राष्ट्रीय पशु के लिए बाघ, राष्ट्रीय पक्षी के मोर मयूर और राष्ट्रीय फल के लिए आम व पुष्प के लिए कमल को जाना जाता है, उसी प्रकार अब जल्द ही इस श्रृंख्ला में राष्ट्रीय तितली का नाम जुड़ने वाले है। राष्ट्रीय तितली के चुनाव के लिए ऑनलाईन वोटिंग हो गई है। यह पहला अवसर है जब किसी राष्ट्रीय प्रतीक के चुनाव के लिए आम लोगों की अभिव्यक्ति को शामिल किया गया। उन्होने बताया कि राष्ट्रीय तितली के चयन के लिए सात प्रजातियां, कृष्णा पीकॉक, कॉमन जेजबेल, ऑरेंज ओक लीफ, फाइव बार स्वार्ड टेल, कॉमन नवाब, येलो गोर्गन और नॉर्दन जंगल क्वीन को शामिल था। उनमें से तीन प्रकार की तितलियां, कॉमन जेजबेल, ऑरेंज ऑक लीफ और कॉमन नवाब छत्तीसगढ़ की कबीरधाम जिले के भोरमदेव अभ्यारण में पर्याप्त संख्या में पाई जाती है। इसके अलावा अभ्यारण्य में तितलियों के ही लगभग 100 से अधिक प्रजाति मौजूद है जो भोरमदेव अभ्यारण की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं

Updated : 9 Oct 2020 1:04 PM GMT
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